Web Development: वाह प्रकृति है जिसकी वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन को डिजाइन, विकसित और रखरखाव किया जाता है। इसका मुख्य उदय इंटरनेट पर ऐसी वेबसाइट बनाना है जो उपयोगकर्ताओं के लिए सुचना, सेवाएँ या उत्पाद उपलब्ध कराएँ। Web development का इस्तमाल हर जगह हो रहा है – ई-कॉमर्स साइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल, बैंकिंग वेबसाइट, सरकारी सेवाएं आदि। आज लगभाग हर व्यवसाय और संगठनों को अपनी ऑनलाइन मोजूदगी बनाने के लिए Web Development: 2025 में frontend, Backend और full stage के साथ Future और Career डेवलपमेंट की ज़रूरत बन चुकी है.

Web Development: 2025 में frontend, Backend और full stage के साथ Future और Career
1. Web Development किया है ?
Web Development वाह प्रकृति है जिसकी वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन को डिजाइन, विकसित और रखरखाव किया जाता है। इसमें दो मुख्य भाग होते हैं:
Frontend Development – ये वही हिसा है जो यूजर देखता है और इंटरैक्ट करता है (जैसा HTML, CSS, JavaScript).
Backend Devlopment – ये वेबसाइट के पीछे काम करने वाला लॉजिक और डेटाबेस मैनेजमेंट होता है ( जैसे Node.js, Python, PHP, MySQL).
इसके अलावा फुल स्टैक डेवलपमेंट (Full Stack) में डोनो फ्रंटएंड और बैकएंड स्किल्स आती हैं।

• Web development को तीन भागो में बता जा सकता है:
1. फ्रंटएंड डेवलपमेंट (Frontend Development) – ये वही हिसा जिसे यूजर देखता है और इस्तमाल करता है। इस्मे HTML, CSS और JavaScript जैसी टेक्नोलॉजी का युग होता है। फ्रंटएंड डेवलपर का काम वेबसाइटों को आकर्षक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना होता है।
2. बैकएंड डेवलपमेंट ( Backend Development) – ये वेबसाइट का वाह हिसा है जो परदे के पीछे काम करता है। इसमे डेटाबेस प्रबंधन, सर्वर हैंडलिंग और बिजनेस लॉजिक आता है। Backend में Python, PHP, Java, Node.js और MySQL, MongoDB जैसा डेटाबेस का उपयोग होता है।
3. पूर्ण स्टैक विकास (full Stack Development) – इसमे फ्रंटएंड और बैकएंड डोनो का नॉलेज होना चाहिए। एक फुल स्टैक डेवलपर वेबसाइट को शुरू से लेकर डिप्लॉयमेंट तक खुद बना सकता है।
Career के नजरिये से ये एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है। एक वेब डेवलपर फ्रीलांसिंग, जॉब, या खुद की वेबसाइट और वेब एप्लीकेशन बनकर अच्छी कमाई कर सकता है. इसके साथ हाय, ये स्किल डिजिटल दुनिया में लंबे समय तक डिमांड में रहने वाला है।
विवरण में, वेब डेवलपमेंट, कौशल और तकनीक है जो इंटरनेट पर हमारी डिजिटल दुनिया को आकार देती है और लोगो और बिजनेस को एक – दूसरे को जोर देती है।
—
• Web Development सिखने के बाद मिलने वाली Jobs

अगर आप वेब डेवलपमेंट सीख लेते हैं (HTML, CSS, JavaScript, फ्रंटएंड,/बैकएंड और डेटाबेस), आपको IT इंडस्ट्री में नौकरियां मिल सकती हैं।
1. Frontend Developer – वेबसाइट के दृश्य और उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस को डिजाइन और विकसित करना।
2. Backend Developer – server, database, और तर्क संभालना.
3. Full Stack Developer – Frontend और Backend दोनो में काम करने वाला.
4. UI/UX Designer – Website का डिजाइन और उपयोगकर्ता अनुभव सुधारना.
5. Web Application Developer – वेब – बेस्ट एप्लीकेशन बनाना .
6. WordPress Developer – WordPress Platform पर वेबसाइट बनाना .
7. E-commerce Website Developer – ऑनलाइन दुकान और भुगतान प्रणाली तयार करना।

—
2. Fresher Web Developer की salary
भारत में फ्रेशर काई फैक्टर्स पर निर्भर है।
Skill Level ( केवल बेसिक बैनाम एडवांस फ्रेमवर्क)
Location ( Metro cities vs Small towns)
Company का संरचना ( Startup vs MNC)
औसत:
Frontend Developer ( fresher) – ₹2.5 Lack से ₹4 Lack/years
Backend Developer (Fresher) – ₹3 Lack से ₹5 Lack/years
Full Stack Developer ( fresher) – ₹3.5 Lack से ₹5 Lack/years
Freelancing Projects – ₹5,000 से ₹50,000 प्रति Project
Step 4: Version Control System
Git & GutHub – Code Save और share करने के लिए.
Team में work Karne ke liye jaruri skill.
Step 5: Practical Project बनाये
• Blog Website
• E-commerce site
• Chat Application
• Task Management Tool

Step 6: Hosting और Deployment सिखे.
Netlify, Vercel, Heroku, AWS इस्तमाल करके आप अपनी वेबसाइट को ऑनलाइन प्रकाशित कर सकते हैं।
—
3. sikhne ke liye मुफ़्त और सशुल्क संसाधन
Master and Full Guidence support to Interact Clients :
Idigitalprenuer.in
Web Development Course Basic to Advanced
Python
JavaScript
CSS
HTML
Free Platform:
FreeCodeCamp.org
W3Schools.com
MDN Web Docs
Paid Platform:
Udemy
Coursera
Codecademy

YouTube Channels :
CodeWithHarry (Hindi)
Traversy Media
The Net Ninja
Conclusion
Web Development एक ऐसा कौशल है जो आपको ना सिर्फ नौकरी दिला सकता है बल्कि आपको फ्रीलांसिंग और अपने खुद का बिजनेस शुरू करने का मौका भी देता है। शुरूवात HTML, CSS, और JavaScript से करें, फ्रंटएंड और बैकएंड फ्रेमवर्क में महारत हासिल करें। प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट और पोर्टफोलियो आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
